पहली बार रणथंभौर जा रहे हैं? टाइगर सफारी, सही समय और ट्रिप प्लान की पूरी जानकारी

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  अगर आप पहली बार रणथंभौर घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो आपके मन में कई सवाल होंगे—रणथंभौर कब जाना चाहिए, कितने दिन रुकना सही रहेगा, टाइगर सफारी कैसे बुक करें, एक सफारी काफी है या दो करनी चाहिए और सबसे बड़ा सवाल, क्या रणथंभौर में बाघ जरूर दिखाई देता है? इन सवालों के जवाब जानना इसलिए जरूरी है क्योंकि रणथंभौर की यात्रा किसी सामान्य sightseeing trip जैसी नहीं है। यहां आपका अनुभव मौसम, सफारी के समय, जंगल की परिस्थितियों और थोड़े से भाग्य पर भी निर्भर करता है। मेरी नजर में रणथंभौर को सिर्फ “बाघ देखने की जगह” समझना सबसे बड़ी गलती होगी। सवाई माधोपुर के पास स्थित यह इलाका जंगल, झीलों, पहाड़ियों, वन्यजीवों और ऐतिहासिक रणथंभौर किले का ऐसा मेल है, जहां एक ही यात्रा में आपको प्रकृति और इतिहास दोनों को करीब से देखने का मौका मिलता है। अगर आप अपनी पहली यात्रा को थोड़ा सोच-समझकर प्लान करते हैं, तो सिर्फ एक सफारी के बजाय पूरा रणथंभौर अनुभव करना ज्यादा यादगार हो सकता है। पहली बार रणथंभौर जाने के लिए कितने दिन काफी हैं? अगर आप पहली बार रणथंभौर जा रहे हैं, तो 2 रात और 3 दिन का trip एक अच्छा विकल्...

उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण आज से शुरू

 


उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण आज से शुरू हो गया है। श्रद्धालु विभाग की आधिकारिक वेबसाइट registrationandtouristcare.uk.gov.in तथा मोबाइल ऐप टूरिस्ट केयर उत्तराखंड के माध्यम से अपना पंजीकरण करा सकते हैं।पर्यटन सचिव धीराज गर्ब्याल ने बताया कि इस वर्ष चारधाम यात्रा 19 अप्रैल से शुरू होगी। इसी दिन यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को और बदरीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को खोले जाएंगे।

चारधाम यात्रा में शामिल होने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए भारतीय श्रद्धालु आधार कार्ड के माध्यम से जबकि विदेशी श्रद्धालुओं के लिए ई-मेल आईडी के जरिए पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

जो श्रद्धालु ऑनलाइन पंजीकरण नहीं करा पाएंगे, उनके लिए ऑफलाइन पंजीकरण की सुविधा भी उपलब्ध होगी। 

यह सुविधा 17 अप्रैल से शुरू की जाएगी। इसके लिए ऋषिकेश के ट्रांजिट कैंप, हरिद्वार के ऋषिकुल मैदान और विकासनगर में विशेष पंजीकरण काउंटर स्थापित किए जाएंगे।

प्रशासन के अनुसार चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं। यात्रा मार्गों, स्वास्थ्य सेवाओं, यातायात व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए व्यापक तैयारियां की जा रही हैं, ताकि देश-विदेश से आने वाले यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।


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